मंगलवार, 1 मार्च 2011

अमृत का द्वार ....

धीरे-धीरे
धरती पर उतरती
सांझ
सूरज समेट रहा
सुनहरी
किरणों का
जाल
पश्चिम दिशा में
अस्त होते
सूरज को देखकर
अचानक हमारा
अस्त होने का
ख्याल
ध्यान का जन्म
समाधि  का स्वाद
समाधान
समय के पार
है अमृत का
 द्वार!

(केवल कविता नहीं, खुद का, खुद पर किया हुआ प्रयोग! )

17 टिप्‍पणियां:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

अस्त होते
सूरज को देखकर
अचानक हमारा
अस्त होने का
ख्याल
ध्यान का जन्म
समाधी का स्वाद
समाधान
समय के पार
अमृत का द्वार!
suman ji , yah prayog , yah ehsaas adbhut hai

सदा ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर भावमय करते शब्‍द ।

cmpershad ने कहा…

अच्छा शब्दचित्र बनाने के लिए बधाई सुमन जी॥

Rajesh Kumar 'Nachiketa' ने कहा…

बहुत ही सांकेतिक भाषा में बड़ी मार्मिक बात...

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

जीवन से परे ले जाते विचार सुमनजी..... बहुत सुंदर से इस द्वन्द को शब्दों में पिरोया है.....

mridula pradhan ने कहा…

bahut sundar.

Dr Varsha Singh ने कहा…

ख्याल
ध्यान का जन्म
समाधी का स्वाद
समाधान
समय के पार
अमृत का द्वार!

गहन अनुभूतियों की सुन्दर अभिव्यक्ति ...बधाई.

Sunil Kumar ने कहा…

सूरज समेट रहा
सुनहरी
किरणों का
जाल
अच्छा शब्दचित्र , बधाई.....

vijaymaudgill ने कहा…

अस्त होते
सूरज को देखकर
अचानक हमारा
अस्त होने का
ख्याल
ध्यान का जन्म
समाधी का स्वाद
समाधान
समय के पार
अमृत का द्वार!

bahut khoobsoorat ehsaas

Suman ने कहा…

sabhi mitronka bahut bahut dhanyavad..........

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

अस्त होते
सूरज को देखकर
अचानक हमारा
अस्त होने का
ख्याल
ध्यान का जन्म
समाधी का स्वाद
समाधान
समय के पार
अमृत का द्वार!
बहुत सुंदर आध्यात्मिक रचना पर सुमन जी आप ये सब काफी जल्दी नही सोच रहीं ।

ज्योति सिंह ने कहा…

अस्त होते
सूरज को देखकर
अचानक हमारा
अस्त होने का
ख्याल
ध्यान का जन्म
समाधी का स्वाद
समाधान
समय के पार
अमृत का द्वार!
adbhut ahsaas ,mahila divas ki badhai aapko .

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

..सुंदर दर्शन। स्वयम् पर घटित कर पाना सुखद एहसास ।

ZEAL ने कहा…

उगता सूरज मन प्रफुल्लित कर देता है तो वहीँ डूबता सूरज एक अलग ही एहसास से भर देता है , जो सुखद भी नहीं है और दुखद भी नहीं है , लेकिन कहीं न कहीं जीवन के अंत होने के बाद , सूदूर देश में ले जाता है ...

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

बहुत सुन्दर भावनात्मक कविता !

Coral ने कहा…

bahut sundar kavita.....

Chinmayee ke blog per tippanike liye dhanyavad. Chinmayee apki beti ke chitra dekhna pasand karegi

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भारतीय दूल्हा-दुल्हन
http://rimjhim2010.blogspot.com/2011/03/blog-post_09.html

संजय भास्कर ने कहा…

सुन्‍दर भावमय करते शब्‍द ।