रविवार, 24 अगस्त 2014

कविता तुम ...

कहाँ रहती हो 
कविता तुम 
कभी तनहाई में 
बुलाने पर भी 
नहीं आती,
कभी बिन बुलाये 
आ जाती हो 
भावों के नुपुर 
पहन कर,
छमा-छम छमछम 
बरस जाती हो 
मेरे आँगन में 
झमा-झम झमझम
बारिश की तरह !
स्वाद तृप्ति का 
दे चातक मन 
तृप्त कर देती हो 
कविता तुम   .... !

27 टिप्‍पणियां:

सु-मन (Suman Kapoor) ने कहा…

बहुत बढ़िया

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवार के लिए चुरा ली गई है- चर्चा मंच पर ।। आइये हमें खरी खोटी सुनाइए --

कालीपद "प्रसाद" ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति १
क्या कहते हैं ये सपने ?
Happy Birth Day "Taaru "

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

कविता वो ख़ुश्बू का झोंका है जो वहीं आता है जहाँ मन के वातायन खुले होते हैं!! एक मासूम सी प्यारी सी रचना!

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

वाह .... कविता कुछ यूँ ही आती है ....

संजय भास्‍कर ने कहा…

प्यारी सी रचना!

Kavita Rawat ने कहा…

हर दुःख-सुख, ख़ुशी-गम में कब कविता आकर साथ निभाती चली जाय पता नहीं ....
बहुत सुन्दर कविता

आशीष अवस्थी ने कहा…

बढ़िया लेखन व रचना , सुमन जी धन्यवाद !
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

सुन्दर रचना।

Asha Joglekar ने कहा…

वाह सुमन जी कविता के बारे में क्या अनोखी कविता रची है आपने वाकई भावों की पायल पहन नाच उठी कविता छमा छम छम।

Satish Saxena ने कहा…

यही कविता है , मंगलकामनाएं आपको !

निहार रंजन ने कहा…

ये तो आपने शायद हर कवि के मन की बात कह दी है.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

कविता का सीधा सम्बन्ध दिल से है ... उसे दिल से याद करो तो आ जाती है वरना दूर दूर से सताती है ...

Jyoti khare ने कहा…


बहुत सुन्दर और मन को छूती रचना ---
सादर ---

आग्रह है --
भीतर ही भीतर -------

Satish Saxena ने कहा…

कहाँ रहती हो कविता तुम, बुलाने पर नहीं आतीं
और अक्सर उदासी में, बुलाये बिन ही आती हो !

मंगलकामनाएं आपको !

संजय भास्‍कर ने कहा…

प्यारी सी रचना...बहुत बढ़िया

कहकशां खान ने कहा…

एक लाजवाब एवं उत्‍कृष्‍ठ प्रस्‍तुति।

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

सुमन जी बहुत सुन्दर भाव ..एक सच..न जाने कब कविता आ जाती है कभी सोने नहीं देती कभी नहाने निराली है ..झमाझम सुहानी बारिश सी
जय श्री राधे
भ्रमर ५

Madan Mohan Saxena ने कहा…

बहुत सुंदर .बेह्तरीन अभिव्यक्ति ...!!शुभकामनायें.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

इस बार तो इस ब्लॉग पर सच में बहुत देर बाद आई है कविता ... पर पूरे जोबन के साथ आई है ...
बहुत लाजवाब रचना है ...

Kailash Sharma ने कहा…

सच में कविता का स्वभाव ही ऐसा है...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...

Anil Sahu ने कहा…

कविता के बारे में कविता. वाह!

Kavita Rawat ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
Kavita Rawat ने कहा…

मैं कविता कह रही हूँ आप लिखते रहिए ब्लॉग पर... यूँ न छोड़िये कविता को ..

Unknown ने कहा…

Very Beautiful whatsapp awesome

Unknown ने कहा…

कविता पर कविता ़़़ बहुत अच्छी रचना।

Unknown ने कहा…

कविता पर कविता ़़़ बहुत अच्छी रचना।